Call us: +91 7393976701
Please Wait a Moment
Menu
Dashboard
Register Now
Join Us
बालश्रम ()
Font Size
+
-
Reset
Backspace:
0
Timer :
00:00
इन छोटे-छोटे बच्चों को चांद सितारे छूने दो, दो-चार किताबें पढ़ करके हम जैसे हो जाएंगे। इन पंक्तियों के माध्यम से बशीर बद्र ने बच्चों की कोमल कल्पना और उनके उन्मुक्त होकर विचरने की स्वाभाविक इच्छा का सहज रूप में वर्णन किया है। वह बच्चों के हाथ में पुस्तक थमाकर उनसे उनके सपनों की दुनिया छीनना नहीं चाहते, किंतु आज हमारा क्रूर समाज इन्हीं मासूम बच्चों से कठिन श्रम करवाकर उनसे उनका बचपन छीनने की कोशिश कर रहा है। बालश्रम का तात्पर्य उस कार्य से है, जिसे करने वाला व्यक्ति कानून द्वारा निर्धारित आयु से छोटा हो। बालश्रम एक ऐसा सामाजिक अभिशाप है, जो शहरों में, गांवों में एवं चारों ओर मकड़जाल की तरह बचपन को अपने आगोश में लिए हुए है। खेलने-कूदने त दिनों में कोई बच्चा श्रम करने को मजबूर हो जाए, तो इससे बड़ी विडंबना किसी भी समाज के लिए भला और क्या हो सकती है! बालश्रम से परिवारों को आय स्रोतों का केवल एक छोटा सा भाग ही प्राप्त होता है, जिसके लिए गरीब परिवार अपने बच्चों के भविष्य को गर्त में झोंक देते हैं। गोपालदास नीरज ने बालश्रम की इसी भयावह स्थिति का वर्णन करते हुए लिखा है जिनको जाना था यहां पढ़ने को स्कूल जूतों पर पॉलिश करें वे भविष्य के फूल। वास्तव में बालश्रम मानवाधिकारों का हनन है। मानवाधिकारों के अंतर्गत प्रत्येक बच्चे को शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक विकास का हक पाने का अधिकार है, लेकिन यथार्थ में स्कूल, खेल, प्यार, स्नेह, आत्मीयता आदि इनकी कल्पना में ही रह जाते हैं। बालश्रम का प्रारंभ औद्योगिक क्रांति की शुरुआत से ही माना जाता है। कार्ल मार्क्स ने कम्युनिस्ट घोषणा-पत्र में कारखानों में मौजूदा स्वरूप में बालश्रम के त्याग की बात कही थी। 1990 के दशक में संयुक्त राज्य अमेरिका एवं सोमालिया को छोड़कर अन्य सभी देशों ने बाल अधिकार सम्मेलन के दौरान हस्ताक्षर किए। यूनिसेफ की रिपोर्ट के अनुसार दुकानों, कारखानों, ईंट-भट्ठों एवं खदानों के साथ-साथ घरेलू कार्यों में विश्व भर में करोड़ों की संख्या में बाल श्रमिक कार्यरत हैं, किंतु सभी मामलों में बाल श्रमिकों का शोषण नहीं होता, कई बार तो उनके द्वारा किये गये श्रम उनके और उनके परिवार वालों के लिए हितकर भी होते हैं। उदाहरणार्थ बांग्लादेश में पचपन हजार से भी ज्यादा बाल श्रमिक वस्त्र उद्योग में कार्यरत हैं, जिनकी बदौलत यह देश अमेरिका को लगभग पचहत्तर करोड़ डॉलर के वस्त्र निर्यात करता है, किंतु अमेरिका द्वारा बालश्रम कानून लागू किये जाने और बाल श्रमिकों द्वारा तैयार किये गये माल पर प्रतिबंध लगाए जाने पर बांग्लादेश में पचहत्तर प्रतिशत बाल श्रमिकों को नौकरी से निकाल दिया गया, जिससे उनके साथ-साथ उनके परिवार वालों के सामने भुखमरी की स्थिति आ पहुंची। बावजूद इसके आज दुनिया के संपन्न देशों में बालश्रम को मानवाधिकार का उल्लंघन मान इस पर कानूनन प्रतिबंध लगा दिया गया है।
Submit
Submit Test !
×
Dow you want to submit your test now ?
Submit